माउंट आबू ट्रैवल गाइड: 2 दिन की सुकूनभरी यात्रा

Mount Abu Aravali pahado aur Nakki Lake ka beautiful view

🌄 माउंट आबू ट्रैवल गाइड: अरावली की वादियों में बिताए सुकून, पहाड़ और यादों से भरे दो दिन

✨ भावनाओं से भरी शुरुआत (04-Dec-2025)

राजस्थान का नाम आते ही अक्सर आंखों के सामने रेत के लंबे मैदान, तपती धूप और पुराने किले घूमने लगते हैं। लेकिन अरावली की गोद में बसा माउंट आबू इन सारी तस्वीरों को बदल देता है। यहां पहुंचते ही ऐसा लगता है जैसे किसी ने गर्म हवाओं की जगह ठंडी पहाड़ी सांसों को छोड़ दिया हो।

सुबह की हल्की ठंडक, पहाड़ियों से गुजरती सड़कें, हवा में घुली शांति और दूर-दूर तक फैली हरियाली… माउंट आबू सिर्फ एक हिल स्टेशन नहीं लगता, बल्कि जिंदगी की भागदौड़ से मिला हुआ छोटा सा सुकून महसूस होता है।

जब गुरु शिखर की ऊंचाई पर खड़े होकर नीचे फैली अरावली की पहाड़ियों को देखा, तो कुछ पल के लिए ऐसा लगा जैसे समय धीरे चलने लगा हो। शहर की आवाजें कहीं पीछे छूट चुकी थीं और सामने सिर्फ पहाड़, हवा और एक गहरी शांति थी।

1. 🚆 माउंट आबू तक पहुंचने का सफर

माउंट आबू पहुंचने का सफर भी इस यात्रा का खूबसूरत हिस्सा बन जाता है। अगर आप ट्रेन से आते हैं तो आबू रोड स्टेशन सबसे नजदीक पड़ता है, जो माउंट आबू से लगभग 30 किलोमीटर दूर है। स्टेशन के बाहर उतरते ही पहाड़ों की तरफ जाती टैक्सियां और बसें एक अलग ही ट्रैवल फीलिंग देना शुरू कर देती हैं।

जैसे-जैसे सड़कें पहाड़ियों की तरफ बढ़ती हैं, वैसे-वैसे मौसम बदलने लगता है। गर्म हवा धीरे-धीरे ठंडी हो जाती है और रास्तों के मोड़ सफर को और खूबसूरत बना देते हैं।

शेयर टैक्सी का किराया लगभग ₹100 से ₹120 प्रति सीट बताया गया है, जबकि प्राइवेट टैक्सी ₹800 से ₹1000 तक लेती है। बस का खर्च लगभग ₹60 से ₹70 प्रति व्यक्ति पड़ता है।

2. 🏨 पहाड़ों के बीच ठहरने का सुकून

माउंट आबू में रहने के लिए नक्की लेक के आसपास की जगह सबसे ज्यादा अच्छी महसूस होती है। यहां सुबह आंख खुलते ही पहाड़ी हवा और शांत माहौल दिन की शुरुआत को बेहद खूबसूरत बना देता है।

अगर थोड़ा अच्छा रिसोर्ट लिया जाए, तो वुडन कॉटेज, गार्डन, स्विमिंग पूल और ब्रेकफास्ट के साथ पूरा अनुभव और खास बन जाता है। पहाड़ों के बीच बैठकर सुबह की चाय पीना शायद उन छोटे पलों में से होता है जो सफर खत्म होने के बाद भी याद रह जाते हैं।

3. 🌊 पहला दिन: नक्की लेक और उसके आसपास की खूबसूरत दुनिया

3.1. 🛍️ नक्की लेक मार्केट की हलचल

माउंट आबू की असली रौनक नक्की लेक मार्केट में महसूस होती है। यहां छोटी-छोटी दुकानों की भीड़, खाने की खुशबू, घूमते लोग और पहाड़ी माहौल सब मिलकर एक अलग ही एहसास पैदा करते हैं।

मार्केट से झील की तरफ बढ़ते ही माहौल अचानक शांत होने लगता है। सामने नीले पानी वाली नक्की लेक दिखाई देती है, जिसके चारों तरफ पहाड़ और चट्टानें उसे और खूबसूरत बना देती हैं।

झील के किनारे धीरे-धीरे चलते हुए हवा का हल्का ठंडापन चेहरे को छूता रहता है। आसपास लोग बोटिंग कर रहे होते हैं, कहीं हंसी की आवाजें आती हैं और कहीं कोई बस चुपचाप पानी को देख रहा होता है। शायद यही इस जगह की सबसे खूबसूरत बात है – यहां हर इंसान अपने तरीके से सुकून ढूंढता नजर आता है।

3.2. ❤️ हनीमून पॉइंट की खामोश खूबसूरती

हनीमून पॉइंट तक पहुंचने का रास्ता खुद में एक छोटा सा सफर लगता है। आगे का रास्ता पैदल तय करना पड़ता है, लेकिन यही पैदल सफर सबसे ज्यादा याद रह जाता है।

रास्ते में पहाड़ों के बीच से आती हवा, दूर दिखाई देती नक्की लेक और छोटे-छोटे खाने के स्टॉल माहौल को बेहद हल्का और सुकून भरा बना देते हैं।

ऊपर पहुंचकर जब दूर तक फैले राजस्थान के मैदान दिखाई देते हैं, तो कुछ देर बस वहीं खड़े रहने का मन करता है। बिना कुछ बोले… सिर्फ उस दृश्य को महसूस करने का।

3.3. 🛕 अरबदा देवी मंदिर की चढ़ाई और श्रद्धा

अरबदा देवी मंदिर तक पहुंचने के लिए 365 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं। शुरुआत में यह चढ़ाई थोड़ी लंबी लग सकती है, लेकिन धीरे-धीरे ऊपर जाते हुए आसपास की पहाड़ियां और हवा थकान को कम कर देती हैं।

ऊपर मंदिर पहुंचने के बाद जो शांति महसूस होती है, वो शायद शब्दों में पूरी तरह बताना मुश्किल है। कुछ जगहें ऐसी होती हैं जहां इंसान खुद से भी थोड़ा करीब महसूस करने लगता है… यह जगह उन्हीं में से एक लगती है।

3.4. 🌅 टोड रॉक का जादुई सनसेट

शाम के समय टोड रॉक पहुंचना शायद पूरे माउंट आबू के सबसे यादगार अनुभवों में से एक हो सकता है। यहां तक पहुंचने के लिए 250 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं। रास्ते में छोटे मंदिर, पत्थरों के बीच बने रास्ते और झील के दृश्य लगातार साथ चलते रहते हैं।

ऊपर पहुंचकर जब नक्की लेक और पूरा माउंट आबू सामने दिखाई देता है, तो कुछ देर के लिए आंखें बस उसी दृश्य में खो जाती हैं।

सूरज धीरे-धीरे पहाड़ियों के पीछे छिपने लगता है… आसमान के रंग बदलते हैं… और झील का पानी उन रंगों को अपने अंदर समेट लेता है। उस पल में एक अजीब सी शांति होती है, जिसे शायद सिर्फ महसूस किया जा सकता है।

4. ⛰️ दूसरा दिन: गुरु शिखर की ऊंचाइयों पर

4.1. 🌤️ अरावली की सबसे ऊंची चोटी

दूसरे दिन की शुरुआत गुरु शिखर से होती है। यहां तक पहुंचते हुए रास्तों के दोनों तरफ फैली पहाड़ियां सफर को बेहद खूबसूरत बना देती हैं।

ऊपर पहुंचने के लिए लगभग 200 से 250 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं। लेकिन जैसे ही आप सबसे ऊंचे पॉइंट पर पहुंचते हैं, सामने फैली अरावली की वादियां सारी थकान मिटा देती हैं।

ऊपर बहती ठंडी हवा, मंदिर की घंटियों की आवाज और दूर तक दिखाई देते पहाड़… उस पल में एक अलग ही शांति महसूस होती है। ऐसा लगता है जैसे जिंदगी थोड़ी देर के लिए धीमी हो गई हो।

4.2. 📸 शूटिंग पॉइंट और पहाड़ों का सन्नाटा

गुरु शिखर से लौटते समय आने वाला शूटिंग पॉइंट बेहद शांत और खूबसूरत महसूस होता है। यहां से अरावली की पहाड़ियां दूर तक फैली दिखाई देती हैं।

कभी-कभी सफर की सबसे खूबसूरत चीज कोई बड़ी जगह नहीं होती… बल्कि वो कुछ मिनट होते हैं जब इंसान बस खामोश खड़ा होकर हवा महसूस करता है। यह जगह बिल्कुल वैसी ही लगती है।

4.3. 🎯 एडवेंचर और बचपन जैसी खुशी

रास्ते में कई एडवेंचर एक्टिविटीज देखने को मिलती हैं – जिप लाइन, ज़ॉर्बिंग बॉल, एटीवी राइडिंग और दूसरी कई एक्टिविटीज।

कई बार पहाड़ों के बीच थोड़ी मस्ती भी सफर को और यादगार बना देती है। हंसी, डर, एक्साइटमेंट और दोस्तों के साथ बिताए वो छोटे पल बाद में सबसे ज्यादा याद आते हैं।

4.4. 🕉️ आंचलगढ़ गांव की आध्यात्मिक शांति

आंचलगढ़ गांव का माहौल बाकी जगहों से काफी अलग महसूस होता है। यहां मंदिरों के आसपास एक अलग ही शांति महसूस होती है।

आंचलेश्वर महादेव मंदिर के अंदर मौजूद शिवलिंग और शांत वातावरण मन को धीरे-धीरे शांत कर देता है। वहीं आंचलगढ़ फोर्ट तक थार गाड़ी से जाना इस सफर में थोड़ा रोमांच भी जोड़ देता है।

5. 🍲 खाने का अनुभव

माउंट आबू में खाने की कई अच्छी जगहें बताई गई हैं। यहां एक सामान्य मील का खर्च लगभग ₹150 से ₹200 प्रति व्यक्ति पड़ सकता है।

द ग्रैंड अरबदा मलबरी ट्री रेस्टोरेंट, जोधपुर भोजनालय, शेर पंजाब बार एंड रेस्टोरेंट और चाचा कैफे जैसी जगहों का जिक्र किया गया है।

6. 💰 पूरे ट्रिप का अनुमानित खर्च

अगर होटल, फूड, ट्रांसपोर्टेशन और एक्टिविटीज को मिलाकर देखा जाए, तो माउंट आबू का पूरा ट्रिप लगभग ₹6000 से ₹8000 के बीच हो सकता है।

7. 🌿 प्रकृति के वो पल जो हमेशा याद रहते हैं

माउंट आबू की सबसे खूबसूरत बात शायद इसकी शांति है।

यहां की झीलें सिर्फ पानी नहीं लगतीं… पहाड़ सिर्फ पत्थर नहीं लगते… और सड़कें सिर्फ रास्ते नहीं लगतीं। यहां हर जगह कुछ देर रुकने का मन करता है।

कभी हवा को महसूस करने के लिए…
कभी पहाड़ों को देखने के लिए…
और कभी बस खुद के साथ कुछ पल बिताने के लिए।

8. 🌙 भावनाओं से भरा अंतिम एहसास

माउंट आबू उन जगहों में से है जहां इंसान सिर्फ घूमकर वापस नहीं आता… बल्कि अपने साथ कुछ शांत पल, कुछ खूबसूरत दृश्य और बहुत सारी यादें लेकर लौटता है।

नक्की लेक की शाम, गुरु शिखर की हवा, पहाड़ों के बीच का सन्नाटा और सूर्यास्त के वो बदलते रंग… यह सब लंबे समय तक याद रह जाता है।

कभी अगर जिंदगी बहुत तेज लगने लगे…
तो अरावली की इन पहाड़ियों के बीच कुछ दिन जरूर बिताइए।
शायद वहां आपको वही सुकून मिल जाए जिसकी तलाश शहरों में अक्सर अधूरी रह जाती है।

👉 भारत के ट्रैवल अनुभव पाने के लिए हमारी वेबसाइट देखें – यहाँ पर क्लिक करें

👉 Reference